जम्मू। प्रदेश भाजपा नेताओं ने सोमवार को नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते कहा कि मतदाता सूचियों में संशोधन की संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा डाली जा रही है।
प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि विपक्षी दल पहले ये बताएं कि गुलाम नबी आजाद महाराष्ट्र और मुफ्ती मोहम्मद सईद उत्तर प्रदेश से लोकसभा का चुनाव लड़कर कैसे केंद्र में मंत्री बनते रहे। भाजपा मुख्यालय में डेढ़ घंटे चली पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में रैना ने कहा कि भारत में जम्मू कश्मीर हो या कोई अन्य प्रदेश एक ही संविधान और एक ही कानून चलेगा।
उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू-कश्मीर में देश के अन्य हिस्सों की तरह रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट 1950 और 1951 लागू हो चुका है। ऐसे में मतदाता सूचियों में विशेष सारांश संशोधन में साधारणतया नागरिक मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर के लोग देश के विभिन्न हिस्सों में बसें हुए हैं और यहां की मतदाता सूचियों से नाम कटवाकर वह यहां रह रहे हैं, वहां मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवा चुके हैं। ऐसे में देश के किसी भी प्रदेश के नागरिक जोकि जम्मू-कश्मीर में लंबे अर्से से रह रहे हैं, वे अपने मूल प्रदेश की मतदाता सूचियों से नाम कटवाकर यहां पर मतदाता बन सकते हैं। पूरे देश में यह नियम लागू है।
जम्मू-कश्मीर के लोग जानते हैं कि देश में एक संविधान और एक कानून है। ऐसे में जो दल इसका विरोध कर रहे हैं, असल में वह भारतीय संविधान का विरोध कर रहे है। रैना ने कहा कि नेकां, कांग्रेस और पीडीपी ने सात दशक तक पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजियों, बाल्मीकि और गोरखा समाज के साथ अन्याय किया। जम्मू-कश्मीर में रहने के बावजूद उन्हें यहां का मतदाता नहीं बनने दिया।
नई मतदाता सूचियों में पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजी, बाल्मीकि और गोरखा समाज को मतदाता बनने का मौका मिल रहा है तो नेकां, कांग्रेस और पीडीपी को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा, गुज्जर-बक्करबाल समाज हो या पहाड़ी लोग इनके साथ भी भेदभाव होता रहा है, लेकिन अब कोई भेदभाव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ही देश में रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट 1950 और 1951 लागू हो किया था और आज कांग्रेस नेहरू के बनाए एक्ट का ही जम्मू-कश्मीर में विरोध कर रही है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को देश के अन्य हिस्सों की तरह समानता का अधिकार दिया है, ताकि यहां खुशहाली और शांति आए और तेजी से विकास हो सके। बैठक में सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, कवींद्र गुप्ता, पूर्व मंत्री सत शर्मा, महासचिव विबोध गुप्ता, सचिव अजय परगाल भी मौजूद रहे।