हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस काली मिर्च वाले गोले इस्तेमाल करेगी। कश्मीर में पत्थरबाजों को भी खदेड़ने के लिए इन गोलों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए पुलिस को नान लीथल पीपर बाल लांचिग सिस्टम दिया जाएगा। साथ ही एंटी रॉयट गैस मास्क भी खरीदे जाएंगे। विभाग ने दोनों के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।
नान लीथल पीपर बाल लांचिग सिस्टम का इस्तेमाल तब किया जाएगा, जब कहीं पर भीड़ हिंसक हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो कश्मीर में आए दिन सुरक्षाबलों पर पथराव करने वालों को काबू करने के लिए इसे इस्तेमाल किया जाएगा। इसके पहले तक कश्मीर में सुरक्षाबलों की तरफ से पेलेट गन का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
इस तकनीक को नान लीथल पीपर बाल लांचिग सिस्टम नाम दिया गया है। इसमें एक फोर्स कंप्लायंस गन होगी। पाउडर भरे गोले इस गन में डाले जाएंगे। इन्हें दागने के दौरान इनके फटते ही स्प्रे की तरह पाउडर निकलेगा। यही काली मिर्च के पाउडर की तरह होगा। यह सीधे आंख और नाक पर असर करेगा। इससे कोई घातक नुकसान नहीं होगा, लेकिन नाक और आंखों में जलन होगी। इससे बचने के लिए भीड़ तितर-बितर हो जाएगी। इस पाउडर से बचने के लिए जवानों को मास्क दिए जाएंगे। यह मास्क जवानों की आंखों, कानों और नाक को कवर करेगा। माना जा रहा है कि बहुत जल्द यह राज्य पुलिस के पास आ जाएंगे।
पेलेट गन का हुआ है विरोध
कुछ दिन पहले ही कश्मीर के पुलवामा में हिंसा के दौरान सुरक्षाबलों को गोली चलानी पड़ी। इसमें सात नागरिकों की मौत हो गई। इसके बाद सरकार को काफी विरोध झेलना पड़ा। इसके पहले कश्मीर में पेलेट गन का इस्तेमाल होता रहा है। इसका भी विरोध किया गया है। अब यह नई तकनीकी लाई जा रही है।