कार्रवाई के बाद लौटती एसीबी की टीम
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मारपीट के झूठे मामले में समझौता कराने के लिए चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पुलिस सिलेक्शन ग्रेड के कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। दोमाना पुलिस थाने के अंतर्गत चिन्नौर चौकी में दो दिन पहले ही उसे मुंशी का चार्ज दिया गया था। आरोपी की पहचान मोहम्मद सुलतान निवासी रियासी के रूप में हुई है।
वीरवार शाम करीब पांच बजे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी ने मारपीट मामले को सुलटाने के लिए एक गुट से रिश्वत मांगी थी, जिन्होंने इसकी जानकारी एसीबी को दी।
वीरवार देर रात तक एसीबी की टीम चिन्नौर पुलिस चौकी में आरोपी व अन्य पुलिस कर्मियों से बंद कमरे में पूछताछ करती रही। एंटी करप्शन ब्यूरो के निदेशक आनंद जैन ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि रिश्वत लेते हुए पुलिस कर्मी पकड़ा गया है। मामले में अभी पूछताछ चल रही है।
एसीबी के पास साहिल मेहरा नाम के युवक के पिता ने शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उसके बेटे पर झूठा केस दर्ज किया गया है। मामले से बाहर निकालने के लिए आरोपी ने आठ हजार रुपये मांगी। उसे चार हजार रुपये दे भी दिए, लेकिन वह बाकी के चार हजार रुपये भी मांगने लगा।
युवक के पिता ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों से कर दी। एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और वीरवार की शाम टीम ने शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा। जब मोहम्मद ने यह रकम ली तो उसे एसीबी टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद टीम ने आरोपी को एक कमरे में बंद कर पूछताछ शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि चौकी के पूर्व मुंशी का कुछ दिन पहले तबादला हुआ था, उसकी जगह पर मोहम्मद सुल्तान को दो दिन पहले ही मुंशी का चार्ज सौंपा गया था।