आतंकी दीवार की ओट लेकर छिपे हों या फिर कमरे के अंदर किसी कोने की आड़ लेकर। ऑपरेशन को अंजाम देने वाले जवान फायरिंग की जद में आए बिना ही दहशतगर्दों पर सटीक निशाना लगा सकेंगे। पुलिस बेड़े में पहली बार शामिल किए गए तीन नए हथियारों में भारत निर्मित जेन शूटएज कॉर्नर पिस्टल भी शुमार है।
यह खास हथियार न सिर्फ किसी ठोस ढांचे की आड़ लेकर छिपे आतंकियों के सफाए में मदद करेगा बल्कि घुप अंधेरे में भी टारगेट को ढूंढ निकालेगा। पुलिस के जवानों को टैवर एक्स-95, एमपी-5 राइफल और जेन शूटएज पिस्टल हथियारों का प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
आतंक रोधी अभियानों में सबसे बड़ी चुनौती आबादी वाले इलाके में टारगेट को करीब जाकर खत्म करने की है। पास की रेंज से फायरिंग के दौरान किसी दीवार या फिर कोने की आड़ लेकर छिपे आतंकियों पर निशाना साधना जोखिम भरा रहता है।
भारत निर्मित जेन शूटएज कॉर्नर पिस्टल ऐसी परिस्थिति में बेहद मारक है। इसे ग्लॉक 17, ग्लॉक 19 या फिर 9एमएम ब्राउनिंग के साथ फिट किया जा सकता है। एसएसपी कुलबीर सिंह ने बताया कि इस तरह के हथियार से आतंकी रोधी अभियानों में बड़ी मदद मिलेगी।
टारगेट को चिह्नित कर उसे कम से कम गोलियों का इस्तेमाल करते हुए ढेर किया जा सकेगा। यह हथियार सभी जिलों और बटालियनों को दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, एके-47 को भी पहले से अपग्रेड कर दिया गया है।
जेन शूटएज कॉर्नर पिस्टल : पिस्टल के ऊपर हाई रेजोल्यूशन का लो लाइट इंफ्रारेड कैमरे के अलावा इंफ्रारेड रोशनी, लाल रंग का बिंदू और टेक्टिकल टॉर्च लगी है। इसे अन्य हथियारों के साथ लगाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
टैवर एक्स-95 राइफल: बेहद मारक इस हथियार को माइक्रो, एमटीएआर और एमटीएआर-21 भी कहा जाता है। इस्राइल निर्मित यह राइफल कई अन्य हथियारों से ज्यादा सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।
एमपी-5 राइफल: जर्मनी में निर्मित यह राइफल 40 देशों में सब मशीन गन के तौर पर इस्तेमाल की जा रही है। आतंकियों के खिलाफ अभियानों को अंजाम देने में यह राइफल भी कारगर है।