श्री अमरनाथ यात्रा 2023 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर लंगर लगाने के लिए देशभर के करीब सौ संगठनों ने इच्छा जताई है। इनमें अधिकांश संगठनों के आवेदन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पास आ चुके हैं और बाकी आ रहे हैं।
प्रमुख रूप से श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स संगठन (साबलो) के तहत दर्जनों लंगर संगठनों ने लंगर लगाने के लिए आवेदन किए हैं। इन दोनों रूट पर अमूमन 115 लंगर लगते हैं। वहीं, साबलो के सदस्यों ने लंगर और यात्रा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बोर्ड के चेयरमैन व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से समय मांगा है।
देशभर से लंगरों के लिए इच्छा जताने वालों में पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से लंगर संगठन शामिल हैं। पारंपरिक दोनों रूटों पर अधिकांश लंगर दूसरे राज्यों के सेवादारों लगाए जाते हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर जिलावार लंगर लगते हैं।
यात्रियों की सेवा और उनका पेट भरने के लिए लंगर संगठनों की भूमिका अहम रहती है। हर साल भोले के भक्तों की सेवा में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। साबलो के प्रधान राजन गुप्ता ने बताया कि हमारी ओर से श्राइन बोर्ड को आवेदन भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार रक्षाबंधन अगस्त के अंत में पड़ रहा है, ऐसे में लगता है कि इस साल करीब दो माह की यात्रा हो सकती है। लेकिन ऐसी व्यवस्था में यात्रा की पूरी अवधि के लिए लंगर संगठनों पर लंगर लगाने का दबाव न बनाया जाए क्योंकि शुरु में ही यात्रा का अधिक प्रभाव रहता है।
जिसके बाद यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आ जाती है। हम जल्द उपराज्यपाल जम्मू कश्मीर से मुलाकात कर लंगर और यात्रियों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करेंगे। इस साल यात्रियों को ठहराने के लिए आवास सुविधा का भी विस्तार किया जा रहा है।