1990 Massacre of Kashmiri Pandits (File)
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1989 से 1995 के बीच कश्मीरी हिंदू के नरसंहार के मामलों की जांच करने के राज्य सरकार के कदम का पनुन कश्मीर ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर में आतंकवादी हिंसा के पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद है। ये वर्तमान सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को भी दर्शाता है।
पनुन कश्मीर के अध्यक्ष वीरेंद्र रैना ने बुधवार को एक बैठक में कहा कि नवंबर 1989 में जस्टिस नील कंठ गंजू की नृशंस हत्या से कश्मीरी हिंदू समुदाय सदमे में था, जिसके बाद पलायन शुरू हो गया। पनुन कश्मीर कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार की जांच करवाने की मांग काफी समय से कर रही थी।