मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने कहा कि विश्व विख्यात पर्यटन स्थल पहलगाम, गुलमर्ग और पटनीटॉप को आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे। प्रदेश में लगभग सभी पर्यटन स्थलों पर बेशकीमती संपत्तियां हैं। इन्हें आउटसोर्स कर बेहतर उपयोग के लायक बनाया जाएगा। इससे पर्यटकों के रात्रि प्रवास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य सचिव ने पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए संपत्तियों के उन्नयन का निर्देश दिया। उन्होंने पर्यटन अधिकारियों से जम्मू-कश्मीर में गोल्फ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजना तैयार करने को कहा। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने जेकेटीडीसी की 94वीं निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए रॉक क्लाइबिंग, जिप लाइन, पैराग्लाइडिंग व अन्य जल क्रीड़ा प्रतियोगिताओं जैसी साहसिक गतिविधियों को शुरू करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, प्रदेश में गोल्फ कोर्स सर्वश्रेष्ठ हैं और इनमें पूरे देश के गोल्फ प्रेमियों को आकर्षित करने की क्षमता है। उन्होंने इन सभी गतिविधियों का एक मजबूत कैलेंडर बनाने और उन्हें विभाग द्वारा अन्य पर्यटन संबंधी संपत्तियों व सेवाओं के साथ एक पैकेज के रूप में पेश करने की सलाह दी।
उन्होंने निगम के लिए राजस्व अर्जित करने के अलावा कोकरनाग, वेरीनाग, डक्सुम, बेताब घाटी, सनासर, सरथल, बनी, बसोहली, भद्रवाह व अन्य स्थानों पर विभाग की संपत्तियों को उनकी क्षमता के मुताबिक पूरा दोहन करने के लिए नया रूप देने पर जोर दिया।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साफ सफाई और स्वच्छता पर जोर दिया जाए। जेकेटीडीसी के प्रबंध निदेशक मिंगा शेरपा ने विभिन्न योजनाओं और प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी। बोर्ड ने श्रीनगर और जम्मू में निगम द्वारा चलाए जा रहे होटलों औ्र अन्य मानव संसाधन संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।
इसमें निगम की बेहतरी के लिए अन्य निर्णय लेने के अलावा पहलगाम, कुद, सनासर, काजीकुंड, बनिहाल, रामबन, गुलमर्ग, जम्मू औ्र श्रीनगर में पीपीपी मोड पर जेकेटीडीसी संपत्तियों को आउटसोर्स करने की निगम की योजना पर भी चर्चा की गई।