नई दिल्ली में गुलाम नबी आजाद से मिलते जम्मू कश्मीर के नेता
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गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र देने के बाद सुरनकोट ऐसा पहला विधानसभा क्षेत्र बन गया है, जहां बड़े नेता से लेकर पार्टी से जुडे कार्यकर्ताओं, तहसील एवं ब्लॉक कमेटियों के प्रमुखों ने भी कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया है।
इस दौरान कहा कि जहां गुलाम नबी आजाद और चौधरी मोहम्मद अकरम जहां जाएंगे, हम भी उनके साथ जाएंगे। रविवार को कांग्रेस पार्टी की तरफ से सुरनकोट तहसील में जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें कांग्रेस पार्टी से पूर्व विधायक चौधरी मोहम्मद अकरम सहित सैकड़ों समर्थक शरामल हुए।
उन्होंने एक साथ कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। सुरनकोट विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र देने वालों में तीन ब्लाक प्रधान, दर्जनों सरपंच और सौ से अधिक पंच एवं बीडीसी सदस्य मुख्य रूप से शामिल हैं। जनसभा के दौरान कांग्रेस पार्टी की जमकर बखियां भी उधेड़ी।
बाद में प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की। कहा कि अब सुरनकोट में कांग्रेस पार्टी समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि 70 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी को सुरनकोट में पाला है। लेकिन इस पार्टी ने हमारे नेता चौधरी मोहमद अकरम और उनके नेता गुलाम नबी आजाद के साथ अन्याय किया है।
चौधरी मोहम्मद अकरम के करीबी एवं युवा नेता मोहमद अनवर आवान और खालिद मुगल ने कहा कि अभी तो सुरनकोट में कांग्रेस पार्टी का अंत शुरू हुआ है।
अब कांग्रेस नेता ताज मोहिउद्दीन ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया
पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस में संकट बढ़ता जा रहा है। पार्टी को एक और झटका लगा है। अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। ताज ने कहा कि आजाद सोनिया गांधी और राजीव गांधी के नजदीकी माने जाते हैं लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस ने बड़े नेताओं को नजर अंदाज किया। पार्टी नेताओं के जाने से कांग्रेस बड़े पैमाने पर बिखर गई है।