अंजुमन औकाफ ने कहा कि कश्मीर की सबसे बड़ी इबादतगाह होने के कारण जामिया मस्जिद आने वाले इसकी पवित्रता का सम्मान करें। इसके अलावा मस्जिद में जाते समय मर्यादा का पालन करें।
दिल्ली के बाद अब श्रीनगर की मशहूर जामिया मस्जिद परिसर में भी महिला-पुरुषों के एक साथ बैठने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही इस ऐतिहासिक मस्जिद के अंदर फोटोग्राफी के बारे में नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रबंधन ने नए नियम जारी किए हैं।
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मस्जिद का प्रबंधन देखने वासी अंजुमन औकाफ ने एक बयान जारी कर कहा कि कश्मीर की इस सबसे बड़ी इबादतगाह होने के कारण जामिया मस्जिद आने वाले से अनुरोध किया जाता है कि वे इसकी पवित्रता का सम्मान करें और मस्जिद में जाते समय मर्यादा का पालन करें।
यह एक सार्वजनिक पार्क नहीं है, इसलिए फोटोग्राफी करते समय सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए जामा मस्जिद की कोई भी तस्वीर या वीडियो लेने से पहले अंजुमन औकाफ से अनुमति लेना जरूरी है।
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लोगों को मस्जिद में खाने का सामान ले जाने से बचना चाहिए। पुरुषों और महिलाओं दोनों को मस्जिद में नमाज पढ़ते समय अपने विशिष्ट स्थान का उपयोग करना चाहिए।औकाफ ने अंजुमन प्रमुख और मीरवाइज-ए-कश्मीर मौलवी उमर फारूक पर लगाए गए प्रतिबंध को अनुचित बताते हुए उन्हें हाउस अरेस्ट रखने की निंदा की है।