श्रीनगर। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद और ईदगाह को छोड़कर पूरे कश्मीर में भारी संख्या में लोगों ने ईद-उल-फितर की नमाज अदा की। मीरवाइज़ मौलवी उमर फारूक को भी नज़रबंद रखा गया।
जानकारी के अनुसार सबसे बड़ी सामूहिक नमाज हज़रतबल दरगाह में पढ़ी गई जहां हजारों की संख्या में लोग नमाज़ अदा करने के लिए पहुंचे। इसके अलावा हज़ारों की संख्या में मुसलमान सुबह से ही श्रीनगर की दस्त-ए-गीर साहिब, खांका मोहल्ला और सैयद याकूब शाह के अलावा घाटी की अन्य मस्जिदों पर विशेष नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए। श्रीनगर में मस्जिदों और दरगाहों में मस्जिद जमीयत-ए-अहले हदीस गौकदल, आसार-ए-शरीफ जनाब साहिब सौवरा, आसार-ए-शरीफ शेहरी कैलाशपोरा, ज़ियारत-ए-मखदूम साहिब (आरए) और खानकाह-ए-मौला शामिल हैं।
श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में नमाज़ की अनुमति नहीं दी गई और साथ ही मीरवाइज़ मौलवी उमर फारूक को भी नज़रबंद रखा गया। इसके अलावा ईदगाह को भी नमाज़ के लिए बंद रखा गया था।
इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी लोगों को ईद की बधाई देते हुए अपने एक्स पर किये गए एक पोस्ट में लिखा, ईद मुबारक! ईद-उल-फितर के शुभ अवसर पर सभी को बधाई। यह त्यौहार खुशियां और एकजुटता लाता है तथा एकता, करुणा और भाईचारे में हमारी आस्था को मजबूत करता है। इस वर्ष ईद-उल-फितर सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशी लेकर आए।
कश्मीर रेंज के जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजीपी वीके बिर्दी ने अपने संदेश में उम्मीद जताई कि यह शुभ अवसर सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे के बंधन को मजबूत करेगा और यूटी में शांति, प्रगति और समृद्धि का अग्रदूत बनेगा। उन्होंने लोगों से साम्प्रदायिक सद्भाव, भाईचारे और मानवीय मूल्यों के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा कि यह त्योहार हमें निराश्रितों और योग्य लोगों के साथ अपनी खुशियां बांटने की याद दिलाता है। विर्दी ने कहा कि यह अवसर हमें लोगों की सेवा के लिए खुद को फिर से समर्पित करना सिखाता है, भाईचारे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और मानवता की निस्वार्थ सेवा की पुष्टि करता है। इस बीच कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी इस विशेष अवसर पर लोगों को बधाई दी है।