दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में इस वर्ष की पहली दो मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया। जबकि दो आतंकियों ने समर्पण किया है। पुलिस के अनुसार त्राल में मारे गए तीनों स्थानीय आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन के थे। उनके पास से एक एके-47, 2 पिस्तौल और 4 ग्रेनेड बरामद हुए हैं।
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि पहली मुठभेड़ त्राल में शाम चार बजे शुरू हुई। जब मंडूरा गांव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी कर घरों की तलाशी शुरू कर दी। इस दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि उनके घर में आतंकी पनाह लिए हुए हैं। जब आतंकियों को आत्मसमर्पण करने को कहा गया तो उन्होंने अंदर से ग्रेनेड फेंकने शुरू कर दिया।
जवाबी कार्रवाई में शुरुआत में एक आतंकी को मार गिराया गया। इसके अगले दस मिनट में मकान में मौजूद दो और आतंकी भी मार गिराए गए। आईजीपी ने कहा कि मारे गए तीनों आतंकियों की शिनाख्त आरिफ बशीर, वारिस हसन नाइकू और सैयद हाफिज के रूप में हुई। यह तीनों स्थानीय हैं और और आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध रखते हैं। जबकि दूसरी मुठभेड़ लेल्हार इलाके में शाम 7.40 बजे शुरू हुई। इसमें एक आतंकी के मारे जाने की सूचना है। उसके शव की तलाश की जा रही है।
आतंकियों से हथियार बरामद
पुलवामा में मुठभेड़ शुक्रवार को शुरू हुई थी। दो आतंकियों ने सुरक्षाबलों के सामने हथियारों के साथ समर्पण कर दिया। एक आतंकी जो मुठभेड़ में घायल हुआ था उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अभिभावक बच्चो पर नजर रखें
आईजीपी ने लोगों से अपील की है कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कुछ बच्चे भटक गए हैं तो उनके परिजन आगे आएं, पुलिस उनकी मदद के लिए तैयार है। पुलिस हर उस युवा की मदद करेगी जो मुख्य धारा में लौटना चाहता है।
पिछले वर्ष की तुलना में ये जनवरी शांत
गौरतलब है कि पिछले साल की तुलना में अभी तक इस वर्ष जनवरी का महीना शांतिपूर्वक रहा। पिछले साल जनवरी के महीने में जम्मू - कश्मीर में 17 आतंकी, 3 सैनिक, 1 पुलिस कर्मी और 2 सेना के पोर्टर मारे गए थे। जबकि इस वर्ष जनवरी में अभी तक 4 सैनिक शहीद हुएऔर 3 आतंकी मारे गए हैं, जिसमें से केवल एक ही सैनिक आतंकी हमले में शहीद हुआ जबकि बाकी के 3 पाकिस्तान के संघर्ष विराम उलंघन के दौरान गोलाबारी में शहीद हुए।