जिला विकास परिषद (डीडीसी) अध्यक्ष पद पर महिलाओं के आरक्षण को लेकर पेच फंस गया है। डीडीसी चुनाव के वक्त महिला अध्यक्षों के लिए जारी थ्री प्वाइंट रोस्टर को खत्म किए बगैर नए नियम में बदलाव कर दिया गया है। यह गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की ओर से विधि विभाग से परामर्श लिया जा रहा है।
उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में विभाग की ओर से पुरानी अधिसूचना में उल्लिखित आरक्षण प्रावधान को हटाने का संशोधन आदेश जारी किया जाएगा। इसके बाद राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय की ओर से आरक्षण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। डीडीसी चुनाव के लिए जारी अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया था कि डीडीसी सीटों पर महिला आरक्षण के लिए थ्री प्वांइट रोस्टर में महिला, ओपन व ओपन का फार्मूला अपनाया जाएगा।
यही फार्मूला डीडीसी अध्यक्ष के लिए भी रहेगा। इस बीच 11 जनवरी को पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण का लाभ दिया गया। इसमें आरक्षण का फार्मूला बदलकर थ्री प्वाइंट रोस्टर को ओपन, ओपन और महिला कर दिया गया।
कानूनी पचड़े से बचने के लिए संशोधन जरूरी
सूत्रों के अनुसार पहले अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित करने का प्रावधान नहीं था। इसलिए आरक्षण के नए नियम तो बनाए ही जाने थे। नए नियम बनाए जाते समय महिला अध्यक्ष पद के आरक्षण के पुराने नियम को हटाया नहीं जा सका। किसी प्रकार का कानूनी अडं़गा सामने न आए, इसे देखते हुए संशोधन किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी हो जाएगा।
आपत्तियों के निस्तारण का अधिकार सौंपा
डीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के संबंध में आपत्तियों के निस्तारण के लिए जम्मू और कश्मीर संभाग के अतिरिक्त उपायुक्त को अधिकार दिया गया है। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सात दिन के अंदर इन्हें सुनवाई कर आपत्तियों का निस्तारण करना है। इनकी ओर से जारी आदेश अंतिम होगा।