रामनगर टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष रविकांत ने कहा कि डालसर झील ताजे पानी की झील है लेकिन स्थानीय लोग इसे कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। झील का पानी पीने योग्य नहीं रहा। स्विमिंग पूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। गेस्ट हाउस भी जर्जर हालत में है। परियोजना के कैचमेंट के परिसर को स्थानीय लोग घरेलू जानवरों आदि रखने को इस्तेमाल कर रहे हैं। रास्ते टूट गए हैं और खुली जगह जंगली घास व झाड़ियों से भर गई है।