श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पहली बार भयमुक्त चुनाव हो रहे हैं। इसमें चुनाव प्रचार का उत्साह और मतदाताओं का हिस्सा लेना पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। यह बात डीजीपी आरआर स्वैन ने सोमवार को कही।
स्वैन ने बताया कि वर्तमान विधानसभा चुनावों और पूर्व में आयोजित चुनावों के बीच स्थिति की तुलना करने के लिए कोई मानक नहीं है, लेकिन परिवर्तन स्पष्ट और अनुभव किया जा रहा है। उन्होंने कहा, पहले जो भी चुनाव में भाग लेता था, वह डरता था। उसे अपराध बोध होता था और वह अपने आप को एक विभाजन के गलत पक्ष पर महसूस करता था। अब यह बदल गया है।
उन्होंने इस बदलाव का श्रेय लोगों की हिम्मत, सरकार की कोशिशों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और मीडिया को दिया, जिसने सच्चाई को उजागर करने का साहस दिखाया। स्वैन ने कहा, अब भयमुक्त चुनाव हो रहे हैं, जिसमें लोग चुनाव प्रचार कर रहे हैं, घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं और रैलियां आयोजित की जा रही हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या आतंकवादियों की हमले करने की क्षमता में कमी आई है तो उन्होंने कहा कि एक हथियारबंद पागल का एक आसान लक्ष्य पर हमला करना असंभव नहीं है। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों और उनके नेटवर्क की क्षमता निश्चित रूप से घटाई गई है।