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Jammu News: लद्दाख में सैन्य अभियानों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को दी श्रद्धांजलि

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लेह के हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक पर बलिदानी सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। - फोटो : leh news
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लेह। भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने सोमवार को लेह में अपना 26वां स्थापना दिवस मनाया। लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला, यूवाईएसएम, एससी, एसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने लद्दाख में सैन्य अभियानों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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ऑपरेशन विजय के बाद 1 सितंबर, 1999 को स्थापित, यह कोर दुनिया के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों, जैसे ज़ोजिला-कारगिल, सियाचिन ग्लेशियर, दौलत बेग ओल्डी और डेमचोक में भारत की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। राष्ट्रीय सुरक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के अलावा कोर ने ऑपरेशन सद्भावना और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत परियोजनाओं को क्रियान्वित करते हुए लद्दाख के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पिछले दो वर्षों में ही, शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए दूरदराज के गांवों में 618 विकास परियोजनाएं लागू की गईं। सेना लद्दाख में सात आर्मी गुडविल स्कूल चलाती है, जिनसे 2,400 से ज़्यादा छात्र लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा इग्नाइटेड माइंड्स के तहत छात्रवृत्ति और कोचिंग कार्यक्रमों ने स्थानीय छात्रों को नीट, जेईई और सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षाएं पास करने में मदद की है।
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कोर ने लगभग 400 छात्रों और समुदाय के सदस्यों के लिए 26 राष्ट्रीय एकता यात्राएं भी आयोजित की हैं। साथ ही आइस हॉकी, तीरंदाजी और हॉर्स पोलो जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा दिया है। दूरदराज के इलाकों में नियमित रूप से चिकित्सा और पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं। साथ ही सीमावर्ती गांवों में एंबुलेंस सहायता भी प्रदान की जाती है।

वर्षों से, फायर एंड फ्यूरी कोर संकट के समय में लद्दाख के लोगों के साथ खड़ी रही है। क्षेत्र की सुरक्षा और अखंडता सुनिश्चित करते हुए सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दिया है।
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