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Jammu News: बारामुला जीएमसी में 8 महीने से कार्डियोलॉजिस्ट नहीं, मरीजों को हो रही परेशानी

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बारामुला। उत्तरी कश्मीर में हजारों मरीज पिछले आठ महीनों से बारामुला के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी के कारण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
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जीएमसी बारामुला के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया, मरीजों को अब कार्डियोलॉजी मंजूरी के लिए स्किम्स सौरा, जीएमसी श्रीनगर या शहर के निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे न केवल नियमित और आपातकालीन सर्जरी में देरी हो रही है, बल्कि देरी के कारण मरीजों की जान को भी खतरा हो रहा है। जीएमसी बारामुला का कार्डियोलॉजी विभाग बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, सोपोर, तंगमर्ग, कांडी बारामुला और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों की जरूरतें पूरी करता था, लेकिन आठ महीने पहले एकमात्र कार्डियोलॉजिस्ट के इस्तीफा देने के बाद से अस्पताल में कोई प्रतिस्थापन नहीं हुआ है।
बारामुला के निवासी मोहम्मद रमजान ने बताया, आठ महीने पहले तक हमारे क्षेत्र में हृदय रोगियों को पास में ही उपचार मिलता था। अब हृदय संबंधी मरीजों की जांच करने वाला कोई नहीं है। एक अन्य स्थानीय निवासी आदिल अहमद ने बताया कि दो महीने पहले उनकी मां को सीने में तेज दर्द हुआ था। उन्होंने कहा, “हम जीएमसी बारामुला से 30 किलोमीटर दूर रहते हैं। उन्हें अस्पताल ले गए, जहां ट्रोपोनिन टेस्ट किया गया, लेकिन परिणामों की व्याख्या करने या उपचार शुरू करने के लिए कोई कार्डियोलॉजिस्ट नहीं था। यह बहुत डरावना अनुभव था।”
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एक अधिकारी ने कहा, विभाग ने यहां कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की है। यह देरी गहरी चिंता का विषय है। उत्तरी कश्मीर के निवासियों ने सरकार से इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल करने और जीएमसी बारामुला में तत्काल एक स्थायी कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। एक डॉक्टर ने कहा, “प्रारंभिक निदान और हस्तक्षेप जीवन बचा सकता है। यह लंबे समय से चली आ रही रिक्ति पूरे क्षेत्र को जोखिम में डाल रही है।
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