फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी : उमर

विज्ञापन
आईएटीओ ने उमर को सम्मानित किया। - फोटो : shrinagar news
विज्ञापन
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। इस संवाद सत्र में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, पर्यटन आयुक्त सचिव यशा मुदगल, पर्यटन निदेशक कश्मीर राजा याकूब फारूक, आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाई, वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख पर्यटन हितधारक और आईएटीओ के पदाधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, हम यहां आने और इस यात्रा का आयोजन करने के लिए आईएटीओ के बहुत आभारी हैं क्योंकि विश्वास दोनों तरफ से काम करता है। आपकी उपस्थिति हमें आश्वस्त करती है कि हम सही रास्ते पर हैं। इस साल की शुरुआत में हुई दुखद घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, इसे दुर्भाग्यपूर्ण कहना कम होगा। इसने न केवल 26 परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित किया बल्कि कई और लोगों के आत्मविश्वास को भी प्रभावित किया।
पर्यटन क्षेत्र की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए उमर अब्दुल्ला ने पुनरुद्धार के बारे में आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, 2022 के सीज़न से हमने पर्यटक वाहनों में उछाल देखा है। श्रीनगर में चहल-पहल, छतों पर सामान के साथ टैक्सियां पहलगाम, गुलमर्ग और उससे आगे की ओर जाते देखना उत्साहजनक था। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा लक्ष्य यह नहीं है कि पर्यटक कश्मीर में सिर्फ़ एक बार आएं। हम चाहते हैं कि वे बार-बार लौटें। इसलिए आपका फ़ीडबैक ज़रूरी है-अनुभव को बेहतर बनाने, बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार करने के लिए।
विज्ञापन

नौ नए गंतव्यों के विकास के लिए केंद्र के साथ मिलकर कर रहे काम
नौ नए गंतव्यों के विकास की प्रगति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उन्हें विकसित करने और चालू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। उमर ने कहा, जम्मू और कश्मीर दोनों जगहों पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और दोनों क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के बारे में मुख्यमंत्री ने कश्मीर के लिए नई ट्रेन सेवाओं की लोकप्रियता का उल्लेख किया और रेल मंत्रालय के साथ क्षमता की कमी के मुद्दे को उठाने का वादा किया। उन्होंने कहा, मांग बढ़ रही है और हम ट्रेन की लंबाई (बोगी बढ़ाने) और आवृत्ति बढ़ाने पर विचार करेंगे। उन्होंने उन स्थलों को फिर से खोलने के महत्व पर भी जोर दिया जो त्रासदी के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, हमने यह प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पर्यटकों और हमारे लिए विश्वास बहाल करने का मामला है।
एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं पर बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने गुलमर्ग और पहलगाम में बेताब घाटी जैसी जगहों पर नए विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ज़िप-लाइनिंग, माउंटेन बाइकिंग और गर्मियों में ट्रैकिंग इन जगहों को फिर से परिभाषित कर सकती है। हम इन विचारों को जीवन में लाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के साहसिक बुनियादी ढांचे प्रदाताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने इस साल के अंत में एक प्रचार पर्यटन कार्यक्रम के लिए आईएटीओ के प्रस्ताव का भी स्वागत किया। उमर ने कहा, हम घाटी की पेशकशों को प्रदर्शित करने के लिए जम्मू-कश्मीर से सरकारी और निजी दोनों हितधारकों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए उत्सुक हैं।
एसोसिएशन ने पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया
मुख्यमंत्री ने यहां आए प्रतिनिधिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया और भागीदारी, नवाचार और निरंतर प्रचार प्रयासों के माध्यम से कश्मीर की पर्यटन क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वहीं इस बीच आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाई ने कश्मीर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देने में एसोसिएशन की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, हम कश्मीर की खूबसूरती और संस्कृति को दुनिया के सामने पेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि यह प्रतिनिधिमंडल रूबरू विद जम्मू एंड कश्मीर के बैनर तले 4 दिन के अपने कश्मीर के दौरे पर था। इस दौरान इन्होंने पहलगाम, श्रीनगर सहित अन्य जगहों का दौरा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें