उधमपुर। ब्लाॅक उधमपुर की पंचायत संसू के सरकारी मिडिल स्कूल मगैनी की हालत में अब जल्द ही सुधार किया जाएगा। जिला कपैक्स के तहत स्कूल परिसर में 24.28 लाख की लागत से 3 अतिरिक्त क्लास रूम तैयार किए जाएंगे। इसके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज की तरफ से निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शहर से नजदीक पंचायत संसू का यह सरकारी मिडिल स्कूल मगैनी 100 साल से भी अधिक पुरानी जर्जर इमारत में चल रहा है। इस इमारत की हालत इतनी अधिक खराब हो चुकी है कि साल 2019 में सुरक्षा ऑडिट टीम ने निरीक्षण के बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था। वर्तमान में इस स्कूल में 88 विद्यार्थी और सात शिक्षक हैं। स्कूल के पास वर्तमान में तीन कनाल जमीन उपलब्ध है। इसमें करीब 15 साल पहले दो नए कमरे भी तैयार किए गए हैं, जिनमें से एक में किंडरगार्टन और दूसरे कमरे में एक अन्य कक्षा चलती है। शेष सात कक्षाएं असुरक्षित घोषित हो चुके भवन में ही चलती हैं। इससे बच्चे और शिक्षक दोनों खौफ में नजर आते हैं। बीते दिनों अमर उजाला की तरफ से चलाई गई हमारी पाठशाला मुहिम के तहत इस स्कूल की ग्राउंड रिपोर्ट को प्रमुखता से उठाया गया था। वहीं अब चरणबद्ध तरीके से इसे विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। पहले चरण में नए क्लास रूम बनाए जाएंगे और इसके बाद प्ले ग्राउंड, बाउंड्री वाॅल व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विज्ञापन
पांच कमरों वाली इस पुरानी इमारत को वर्ष 1924 में एक सराय के तौर पर बनवाया गया था। 1950 के आसपास इसे प्राइमरी स्कूल बना दिया गया। बाद में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर 80 के दशक में इसे अपग्रेड कर मिडिल स्कूल बना दिया गया। इसके बाद इसकी हालत लगातार जर्जर होती गई और मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। बाद में साल 2019 में हुए सुरक्षा ऑडिट में इस इमारत को असुरक्षित करार दिया गया था। इस पुरानी जर्जर इमारत को भी ध्वस्त किया जाना है लेकिन इससे पहले राहत पहुंचाने के लिए स्कूल की खाली जमीन पर 3 नए अतिरिक्त कक्षा रूम तैयार किए जाएंगे ताकि बच्चों की पढ़ाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़े।
कोट
मिडिल स्कूल मगैनी में 3 नए कमरे बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है और इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
-
संजय कुमार, एक्सईएन, (ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग )
-
असुरक्षित घोषित इमारत में स्कूल का संचालन काफी समस्या और हादसे का खतरा पैदा कर रहा था। हम लगातार समाधान की मांग कर रहे थे। अभी स्कूल परिसर में बनने जा रहे 3 नए कमरों से असुरक्षित इमारत में कक्षाओं के संचालन को लेकर पेश आ रही परेशानी से काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
-सतवीर सिंह चौधरी, प्राध्यापक