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पब्लिक लाइब्रेरी के प्रति लगाव बढ़ना सुखद, मूलभूत सुविधाएं बढ़ेंगी : रुबीना कौसर

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श्रीनगर। यह देखना और जानना काफी सुखद है कि जम्मू-कश्मीर में पढ़ने के प्रति लोगों में काफी लगाव बढ़ा है। जागरूक पाठक विशेष रूप से युवा सहज एवं सुलभ वातावरण में अध्ययन करने के लिए सार्वजनिक पुस्तकालयों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि इस महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्र में खासकर बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर अभी भी सुधार की बहुत गुंजाइश है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर के अधिकतर पुस्तकालयों में फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, आईटी और दिव्यांगों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
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यह बातें पुस्तकालय एवं अनुसंधान निदेशक रुबीना कौसर ने कही। वह सोमवार को जम्मू-कश्मीर में प्रदेश स्तरीय पुस्तकालय सलाहकार सह क्रय समिति (यूटीएलएलएसीपीसी) की चौथी बैठक को संबोधित कर रही थीं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग द्वारा खरीद के लिए पुस्तकों के चयन को अंतिम रूप देने के लिए पुस्तकालय एवं अनुसंधान विभाग द्वारा हाल ही में किए गए प्रयासों की सराहना की। जम्मू-कश्मीर सरकार और राजा राममोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन (आरआरआरएलएफ) द्वारा दिए गए सहयोग को सराहा।
निदेशक ने कहा कि सभी केंद्रीय और जिला पुस्तकालयों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप, विशेष फ़र्नीचर और दृश्य-श्रव्य पठन सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। बताया कि सार्वजनिक पुस्तकालयों में सिविल सेवा, जेईई और नीट प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संसाधन निशुल्क उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। इसे न्यायिक सेवा, एआईपीएमटी, सीईटी, एसएससी, नेट/स्लेट, एसएसबी, जीमैट, सीएलएटी, कैट आदि सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं तक भी बढ़ाया जाएगा ताकि योग्य छात्र लाभान्वित हो सकें।
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