श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने वीरवार को घोषणा की कि पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के सोशल मीडिया सलाहकार को बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक भ्रामक पोस्ट के बाद की गई। इसमें जम्मू और कश्मीर पुलिस के विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में वृद्धि का श्रेय सरकार को दिया गया था।
नेशनल कांफ्रेंस ने एक आधिकारिक पोस्ट में कहा, हाल ही में एसपीओ के मानदेय के संबंध में एक पोस्ट पार्टी और मुख्यमंत्री से जुड़े विभिन्न हैंडल्स से साझा की गई थी। यह पोस्ट नहीं डाली जानी चाहिए थी और बिना किसी जानकारी की पुष्टि किए इसे प्रकाशित किया गया। जबकि हम मानदेय वृद्धि की लगातार सिफारिश कर रहे हैं और इसे लागू करने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं, अभी तक यह लागू नहीं हुआ है।
इससे पहले, पार्टी के आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट में यह दावा किया गया था कि उमर अब्दुल्ला सरकार ने एसपीओ के मानदेय में वृद्धि की है। बाद में उस पोस्ट को हटा लिया गया था। नेशनल कांफ्रेंस ने कहा, जिम्मेदार व्यक्ति को कार्यवाही का सामना करना पड़ा और उसे जम्मू-कश्मीर एनसी के उपाध्यक्ष के सोशल मीडिया सलाहकार के पद से हटा दिया गया है।
यह कदम विभिन्न पक्षों से आलोचना के बाद उठाया गया। इसमें पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन भी शामिल थे। लोन ने कहा, क्या यह सच है? एसपीओ के वेतन को एमएचए (गृह मंत्रालय) एसआरई (सुरक्षा संबंधित खर्च) के माध्यम से वित्तपोषित करता है। फिर भी, अगर राज्य सरकार ने उनके वेतन को बढ़ाने का कोई तरीका निकाला है तो उस पर कुछ स्पष्टीकरण हो। बहरहाल, यह एमएचए का कार्यक्षेत्र है। लोन ने एनसी की पहले की पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया और लिखा रिपोस्टेड, क्योंकि मूल पोस्ट हटा दी गई थी।