श्रीनगर। कश्मीर में भीषण शीत लहर के बीच स्वास्थ्य सेवा निदेशालय कश्मीर (डीएचएसके) ने लोगों को सुरक्षा सलाह जारी की है।
डीएचएसके ने चेतावनी दी है कि ठंड से हाइपोथर्मिया, शीतदंश और पैर में जलन और चिलब्लेन जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियां हो सकती हैं।
वयस्कों में हाइपोथर्मिया के लक्षणों में कंपकंपी, याददाश्त में कमी, थकावट, अस्पष्ट भाषण, भ्रम, उनींदापन और हाथों का लड़खड़ाना शामिल है। शिशुओं में यह चमकदार लाल, ठंडी त्वचा और कम ऊर्जा के रूप में प्रकट होता है।
सलाह में लोगों से कहा गया कि वे ढीले-ढाले, गर्म कपड़े पहनें। शरीर को ढककर रखें। नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पीएं। प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विटामिन सी से भरपूर स्वस्थ आहार लें। डीएचएसके ने शीत लहर से निपटने के लिए कई निवारक उपायों की सिफारिश भी की है। इनमें सर्दियों के पर्याप्त कपड़े और आपातकालीन आपूर्ति जैसे भोजन, पानी और दवाइयों का स्टॉक करना शामिल है।