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अजमत-ए-हिंद : सेना ने कुपवाड़ा में किया नई सुबह का आगाज

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कुपवाड़ा/ जम्मू। भारतीय सेना की ''अज़मत-ए-हिंद'' पहल ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नई सुबह का आगाज किया है। इस पहल के तहत, नियंत्रण रेखा पर स्थित टीटवाल क्षेत्र में 104 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया है। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह तिरंगा सशस्त्र बलों की वीरता के साथ स्थानीय लोगों के आपसी सौहार्द को भी प्रदर्शित करता है। भारतीय सेना की ''अज़मत-ए-हिंद'' पहल ने न केवल सीमा पर्यटन को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ सेना के संबंधों को भी मजबूत किया है। सेना केवल सरहदों की निगहबान नहीं वहां के लोगों के लिए रहबर की भी भूमिका में है।
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सेना की अजमते हिंद पहल का सुखद परिणाम सरहद पर नजर आने लगा है। कुपवाड़ा के जिस क्षेत्र में भय और दहशत का आलम रहता था वह क्षेत्र अब पर्यटकों से गुलजार हो रहा है। टीटवाल क्षेत्र अब पर्यटन के लिए एक नए गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
इस क्षेत्र को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए सेना स्थानीय लोगों की मदद कर रही है ताकि वे अपने घरों में पर्यटकों को ठहरा सकें और आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकें। सेना इसके तहत होम स्टे स्थापित करने में वहां के बाशिंदों की मदद कर रही है। ये होम स्टे इस तरह से डिजाइन किए जा रहे हैं ताकि पर्यटकों को घरेलू माहौल के साथ कश्मीर की संस्कृति, वहां के लोगों की जीवन शैली के बारे में भी जानकारी हो सके।
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सेना की इस पहल से पर्यटन में वृद्धि होने के साथ स्थानीय लोगों की गुरबत भी दूर हो रही है। उन्हें इससे अपने जीवन में नई उम्मीद की किरण नजर आ रही है। उन्हें यह विश्वास हो गया है कि इसी रास्ते पर चलकर वे अपने और अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं। इससे वहां की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होने लगी है। क्षेत्र का विकास हो रहा है।
यही नहीं सेना के लोग पर्यटकों के साथ संवाद स्थापित कर रहे हैं ताकि आम लोगों के मन में कश्मीर के बारे में दहशत की जो अवधारणा बनी हुई है वह बदले। वे जब कश्मीर से वापस जाएं तो यहां की वादियों और लोगों की सुंदर तस्वीर पेश करें और अधिक से अधिक लोग कश्मीर के कुदरती सौंदर्य का लुत्फ उठा सकें। इससे पर्यटकों के साथ युवा पीढ़ी छात्र और पर्यटक देशभक्ति और एकता के महत्व को समझेंगे। उन्हें अपने देश के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। टीटवाल क्षेत्र में स्थित शारदा मंदिर और गुरुद्वारा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। ये दोनों मानबिंदु क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करते हैं।

कुपवाड़ा के बाशिंदों ने सेना की इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि पर्यटन में वृद्धि से उनकी आय में वृद्धि हो रही है। टीटवाल निवासी एक छात्र सुंदर शमीन ने कहा कि 104 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है। यह हमें अपने कर्त्तव्यों की सदा याद दिलाता है। कश्मीर हिंद की शान है। भारत का ताज है। हम इसकी खूबसूरती पर आंच नहीं आने देंगे।

भारतीय सेना ने इस पहल से स्थानीय लोगों का विश्वास हासिल किया है। उनके साथ मिलकर काम किया है। सेना ने सरहद और वहां के लोगों को न केवल सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देने में भी मदद की है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को पंख लग रहे हैं।
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