श्रीनगर। कश्मीर हाउसबोट ओनर्स एसोसिएशन (केएचबीओए) ने अपने बिजली बिलों में लगातार बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के प्रधान सचिव राजेश प्रसाद से भी इस मुद्दे पर बात करने का आग्रह किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा, बिल को हाउसबोट श्रेणी के अनुसार वर्गीकृत किया जाना चाहिए। हम स्मार्ट मीटर लगवाने के हक में हैं। इसके बाद जो जितनी बिजली इस्तेमाल करेगा, उतना बिल भरेगा।
केएचबीओए के अध्यक्ष मंजूर पख्तून ने बताया कि बिजली बिलों में लगातार बढ़ोतरी से उन पर काफी दबाव पड़ रहा है। खासकर ऑफ-सीजन के महीनों के दौरान जब हम मुश्किल से कोई लाभ कमा पाते हैं। जो हमारा फ्लैट रेट है वो बढ़ गया है। मार्च से हम 1500 रुपए भरते आए थे और जो हाल ही में बिल आया है, उसमें 600 रुपए की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि सब हाउसबोट डीलक्स क्लास के नहीं हैं। कई ए, बी, सी कैटेगरी के भी हैं। सबका एक ही फ्लैट रेट था। पख्तून ने कहा, हम चाहते हैं अलग अलग कैटेगरी के हिसाब से रेट रखा जाए, इतना ही नहीं हम स्मार्ट मीटर लगवाने के हक में भी भी हैं जिसके बाद जो फिर जितना इस्तेमाल करेगा उतना बिल भरेगा।
उन्होंने कहा कि निगीन लेक में जो हाउसबोट हैं उनमें स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं और हम चाहते हैं कि डल झील में भी जो कमर्शियल यूनिट्स हैं उनमें भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। पख्तून ने कहा, स्मार्ट मीटरिंग की प्रक्रिया को जितना भी समय लगेगा उस बीच हमारा अनुरोध यह है कि उस समय तक फ्लैट रेट में बढ़ोतरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें एक उचित इंस्पेक्शन किया जाना चाहिए जिसके बाद कैटेगरी के आधार पर बिल या किलोवाट निर्धारित किया जाए नहीं तो सभी एक ही कैटेगरी में फंसते हैं। आधे निचली कटेगरी के हैं।
उन्होंने बताया कि निगीन लेक में करीब 250 हाउसबोट हैं जबकि विश्व प्रसिद्ध डल झील में इनकी संख्या 550 से 600 के करीब है। पख्तून ने कहा कि हम बिजली के मीटर लगाने का कुछ समय से अनुरोध कर रहे हैं ताकि बिल में वास्तविक खपत दिखाई दे जिससे भुगतान करना आसान हो जाए। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन को उम्मीद है कि अधिकारी इन चिंताओं को दूर करेंगे।