श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि तत्कालीन राज्य को विशेष दर्जा बहाल करने के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव आधे-अधूरे मन से किया गया प्रयास है। इसे बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था।
महबूबा ने यहां संवाददाताओं से कहा, हमारा मानना है कि इस प्रस्ताव की भाषा बेहतर हो सकती थी। इस प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 को हटाने की कोई निंदा नहीं है। वे (नेकां) विशेष दर्जा बहाल करने के लिए बातचीत करने की बात करते हैं। बातचीत किस लिए है? क्या उन्हें कोई संदेह है कि 5 अगस्त, 2019 को जो हुआ वह गलत था। मैं कहूंगी कि यह आधे-अधूरे मन से किया गया प्रयास है।
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि यह दुखद है कि प्रस्ताव में निरस्तीकरण को अवैध नहीं बताया गया। उन्होंने कहा, प्रस्ताव की भाषा को सही करने की जरूरत है। पीडीपी ऐसा करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के पहले दिन विशेष दर्जे की बहाली पर प्रस्ताव लाने के पीडीपी के कदम ने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस को अपना प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर किया।