श्रीनगर। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सोमवार को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में आतंकियों पर कार्रवाई और कश्मीरी छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के मुद्दे पर जोर रहेगा। कश्मीर में पहलगाम हमले के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। साथ ही अन्य राज्यों से कश्मीरी लोगों से बदसुलूकी की जो खबरें आ रही हैं, उनको लेकर भी लोगों में रोष है।
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया था। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी। तब से ही सभी राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के साथ ही आम लोग भी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं। घाटी के 80 फीसदी लोग पर्यटन व्यवसाय से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हैं। लोगों ने हमले को पर्यटकों पर नहीं बल्कि सीधे कश्मीरियत पर माना है।
सत्र से पहले रविवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद आतंकवाद और उसके आकाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होनी चाहिए। आतंकवाद और निर्दोष लोगों की हत्या के खिलाफ कश्मीरी खुलकर सामने आए हैं। समय आ गया है कि इस समर्थन को बढ़ाया जाए और लोगों को अलग-थलग करने की किसी भी कार्रवाई से बचा जाए। दोषियों को सजा दें, निर्दोषों पर कार्रवाई न करें।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नागरिकों के खिलाफ अंधाधुंध कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को कमजोर करती है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्दोष कश्मीरियों को आतंकवाद विरोधी अभियानों का खमियाजा न भुगतना पड़े।
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तसद्दुक हुसैन का कहना है कि आतंकियाें पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन निर्दोष लाेगों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। वहीं देश के अन्य हिस्सों से कश्मीरियों के उत्पीड़न की जो खबरें आ रही हैं, वह बेहद चिंताजनक हैं। सोमवार को होने वाले विशेष सत्र में भी इस मामले को उठाया जाएगा।