श्रीनगर। छह वर्ष के प्रतिबंध के बाद मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मुहम्मद उमर फारूक ने वीरवार को ख्वाजा दीगर के अवसर पर नक्शबंद बुखारी की पवित्र दरगाह में तकरीर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
उन्होंने लगातार हो रही बारिश से राहत और मौजूदा कठिनाइयों से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। मीरवाइज़ ने खराब मौसम की मार झेल रहे समुदायों के साथ गहरी एकजुटता व्यक्त की और राहत एवं सहायता के लिए सामूहिक प्रयासों का आग्रह किया।
उन्होंने उपस्थित लोगों को याद दिलाया कि कठिन समय में पीड़ितों की मदद करना सच्ची आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। इस अवसर पर मीरवाइज़ ने 13 जुलाई 1931 के शहीदों के लिए मज़ार-ए-शुहदा नक्शबंद साहिब में श्रद्धांजलि अर्पित की और फातिहा भी पेश किया। उन्होंने उनके बलिदानों को याद किया और कहा कि उनकी विरासत जम्मू और कश्मीर के लोगों को प्रेरित करती रहेगी।