बडगाम। उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट्ट ने वीरवार को कार्यालय में जेकेसीआईपी और एकीकृत भेड़ विकास योजना (आईएसडीएस) की अध्यक्षता करते हुए 132 आवेदनों को मंजूरी दी। इसमें कृषि के 65, बागवानी के 32, भेड़ पालन के 27 और मत्स्य पालन के आठ आवेदन शामिल रहे। इसी प्रकार, एकीकृत आईएसडीएस के तहत जिले में 213 मामलों को मंजूरी दी गई।
डीसी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र बडगाम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं। इस तरह के सरकारी हस्तक्षेप किसानों और युवाओं को प्रत्यक्ष आजीविका सहायता, कौशल संवर्धन और बेहतर बाज़ार प्रतिस्पर्धा प्रदान करने में सहायक हैं। आईएसडीएस के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि एक साथ 213 मामलों को मंज़ूरी देने से भेड़ पालन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा जो जिले में एक पारंपरिक और आशाजनक आजीविका का साधन है।
उन्होंने भेड़ पालकों को योजना का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए पशु स्वास्थ्य सहायता सेवाओं, बाजार संपर्क और चारे की उपलब्धता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।