अनंतनाग। दूध उत्पादन में अनंतनाग जिले ने पुलवामा जिले को पीछे छोड़ दिया है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन 8.042 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है।
जिले में वार्षिक दूध उत्पादन लगभग 266.35 हजार टन है, जो पुलवामा को पीछे छोड़ देता है, जिसका वार्षिक दूध उत्पादन 262.95 हजार टन है।
अन्य जिलों में दूध उत्पादन का स्तर अलग-अलग बताया गया है, जिसमें बडगाम में 240.70 हजार टन, बारामुला में 199.85 हजार टन, कुलगाम में 161 हजार टन, कुपवाड़ा में 153.95 हजार टन, बांदीपोरा में 119.98 हजार टन और श्रीनगर में 100.410 हजार टन है। गांदरबल और शोपियां में क्रमशः 96.37 हजार टन और 72.96 हजार टन सालाना के साथ सबसे कम दूध उत्पादन दर्ज किया गया।
मुख्य पशुपालन अधिकारी (सीएएचओ), अनंतनाग जाविद मोहिउद्दीन जरगर ने सफलता का श्रेय एकीकृत डायरी योजना (आईडीएस) को दिया, जिससे पशुधन धारकों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के लिए 221 लाभार्थियों के बीच 1,17,00,000 रुपये की सब्सिडी वितरित की गई।
नई इकाइयों ने न केवल दूध उत्पादन बढ़ाने में योगदान दिया, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार भी पैदा किया और जैविक खेती को बढ़ावा दिया।
उन्होंने कहा, अनंतनाग के किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाया है, जिसमें उन्नत प्रजनन विधियां और डेयरी मवेशियों के लिए बेहतर पोषण शामिल हैं। इन प्रयासों से प्रति गाय अधिक दूध की पैदावार हुई है, जिससे उत्पादन में समग्र वृद्धि में योगदान मिला है।