रामबन के केला मोड़ इलाके में पुल के क्षतिग्रस्त होने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है। वहीं फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी ने पुल के क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयास करना शुरू कर दिया है। उधमपुर से भी वाहनों के घाटी की तरफ जाने पर रोक लगा दी है। रोके जाने के बाद उधमपुर में भी वाहनों की लंबी कतार लग गई है।
रविवार को वाहनों की आवाजाही घाटी से जम्मू की तरफ रखी गई थी। उधमपुर से केवल छोटे वाहनों को ही घाटी की तरफ जाने की अनुमति दी गई। ट्रकों को पुलिस ने सुबह से ही जखैनी इलाके में रोकना शुरू कर दिया और दोपहर तक सैकड़ों की संख्या में उधमपुर के जखैनी, बट्टलबालियां, रठियान, गरनई, मांड, टिकरी व अन्य कई इलाकों में रोक दिया। चालक सुबह से शाम तक आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे। इसी दौरान सुबह से शाम तक घाटी से हजारों की संख्या में वाहन जम्मू की तरफ रवाना हुए।
शाम करीब छह बजे जब वाहन चल रहे थे तो अचानक रामबन के केला मोड़ इलाके में पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने मजबूरन वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया। इसके बाद राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। उधमपुर से छोटे वाहनों के भी घाटी की तरफ जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पुल पर छोटे वाहनों के निकलने के लिए तो स्थान है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने छोटे वाहनों के निकलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
पुलिस ने फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी के साथ संपर्क कर वाहनों को निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। राजमार्ग बंद होने की सूचना मिलने पर उधमपुर में रोके गए ट्रकों के चालकों की परेशानी दुगनी हो गई है। चालकों का कहना है कि अब उनको कब आगे जाने की अनुमति मिलेगी पता नहीं है।