कश्मीर घाटी में बर्फबारी के दौरान अन्य इलाकों से कटने वाला विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग पहली बार सर्दियों के महीनों में भी खुला रहेगा। इन सर्दियों में पहली बार सड़क संपर्क नहीं कटेगा। जानकारी के अनुसार 15 नवंबर से इस बार जेड-मोड़ टनल से ट्रैफिक को गुजरने की अनुमति होगी, जिससे न केवल सोनमर्ग के स्थानीय लोगों को बल्कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा।
सोनमर्ग के शुटकड़ी गांव के रहने वाले स्थानीय निवासी शौकत हुसैन ने बताया कि सर्दियों के महीनों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते करीब 3-4 महीनों के लिए यह इलाका घाटी के अन्य इलाकों से कटकर रह जाता है। ऐसे में यहां के स्थानीय लोग यहां से पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं, क्योंकि कभी कोई बीमार होता है और राशन पानी लाने में भी दिक्कतें पेश आती है। शौकत ने कहा कि जैसा कि हाल ही में कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर ने कहा कि 15 नवंबर से जेड मोड़ टनल से यातायात को जाने की अनुमति होगी, इसका हम स्वागत करते हैं क्योंकि इससे हमारी दिक्कतों में काफी कमी आएगी।
एक अन्य स्थानीय मोहम्मद इब्राहिम ने कहा कि इससे यह फायदा होगा कि अगर कोई बीमार होगा तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने में आसानी होगी। सर्दियों में भी राशन और अन्य रसद उन तक पहुंच पाएगी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो शायद यहां से पलायन न करने पर भी विचारकर सकते हैं। क्योंकि न केवल हमारी जिंदगी आसान हो जाएगी बल्कि सर्दियों में यहां पर्यटक आएंगे जिससे यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल पाएगा।
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के कश्मीर चैप्टर के चेयरमैन अथर यामीन ने कहा कि जल्द ही हम लोग एक बैठक करने जा रहे हैं जिसमें सोनमर्ग को एक विंटर डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट करने को लेकर रोड मैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से डिविजनल एडमिनिस्ट्रेशन ने सोनमर्ग में सर्दियों के लिए रेट तय करने के निर्देश दिए हैं उसका हम समर्थन करते हैं क्योंकि कुछ लोग यहां मनमानी करते हैं और इससे पर्यटकों को दिक्कत आती है।
उन्होंने साथ ही प्रशासन से यह भी अपील की कि उन्हें बिजली पानी समेत सभी ऐसी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना होगा जिसके चलते पर्यटक सर्दियों में वहां टिक सकें। स्थानीय निवासी बाबर ने बताया कि पर्यटकों के आने से होटल, ढाबे वाले, स्लेज वाले और स्नो स्कूटर वालों का धंधा बढ़ेगा और सर्दियों में भी उनका रोजगार जारी रहेगा।
गगनगीर से सोनमर्ग तक 30 फुट बर्फ रहती है
बता दें कि अक्सर सर्दियों में भीषण बर्फबारी के चलते केवल गगनगीर तक ही गाड़ियां जा पाती हैं, जबकि गगनगीर से सोनमर्ग तक के करीब 13 किलोमीटर लम्बे रास्ते पर 30 फ़ीट से अधिक बर्फ जमा होती है जिससे वो कटकर रह जाता है। जानकारी के अनुसार सोनमर्ग के आसपास शुटकड़ी, नीलग्राथ और सरबल गांव हैं जिनकी आबादी करीब 1600 से अधिक की है।
बता दें कि हाल ही में कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पीके पोल ने संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने सभी चीजों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नेशनल हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को निर्देश दिए कि नवंबर के दूसरे सप्ताह तक टनल के भीतर ड्रेनेज और लाइटिंग के कार्य को पूरा कर दिया जाए ताकि 15 नवंबर से इसके एस्केप टनल से ट्रैफिक को जाने की अनुमति दी जा सके। इसके अलावा डिवकॉम ने संबंधित अधिकारियों से सोनमर्ग में बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, स्नो क्लीयरेंस आदि जैसी सेवाओं को भी मुहैया कराने पर जोर दिया।