संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। संगड़ गांव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को महिलाओं ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि दो महीने से पीने के पानी की किल्लत बनी हुई है जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
महिलाओं ने बताया कि सुबह से लेकर देर रात तक पानी की आवश्यकता रहती है। लंबे समय से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण मजबूरी में दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे गांव के बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन के समक्ष समस्या उठाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इस मौके पर पूर्व सरपंच जोगिंदर शर्मा, विजय शर्मा, गोपाल दास, रत्न चंद, राकेश कुमार और सुभाष चंद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पेयजल परियोजना के बावजूद पानी नहीं मिल रहा है। वर्षों के इंतजार के बाद भी नियमित पेयजल सुविधा नहीं मिल सकी है जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि गांव में पेयजल संकट का स्थायी समाधान किया जाए और जल्द नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। वहीं, राज कुमारी, कांता देवी, पिंकी देवी, लक्ष्मी देवी सहित अन्य महिलाओं ने गांव में बनी करोड़ों रुपये की पेयजल परियोजना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
संगड़ गांव में पानी संकट पर फूटा गुस्सा, महिलाओं ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्श