परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, विदेश से बहन के आने का इंतजार
देवस्थान पुरमंडल में मंगलवार को किया जाएगा कृष भगत का अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। बाड़ी ब्राह्मणा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर अर्चना एक्सप्रेस के आगे प्रेमिका के साथ जीवन लीला समाप्त करने वाले कृष के परिजन बोले कि पता होता तो खुशी-खुशी शादी करवा देते। खुदकुशी की घटना से कृष के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कृष भगत (26) पुत्र हंस राज बिश्नाह का रहने वाला था। परिवार में कृष सबसे छोटा और लाडला था। कृष की बहन विदेश में है जिसके मंगलवार को बिश्नाह पहुंचने की उम्मीद है इसलिए परिवार ने सोमवार को संस्कार नहीं किया। अंतिम संस्कार अब मंगलवार को पुरमंडल में किया जाएगा।
मृतक के परिवार से के अनुसार कृष परिवार में सबसे छोटा था और सब उसको बहुत प्यार करते थे। वह मल्टीपर्पज मेल गांधीनगर अस्पताल में दूसरे वर्ष की ट्रेनिंग कर रहा था। परिवार के सदस्यों के अनुसार कृष ने उनको अपने प्यार के बारे में कभी कुछ नहीं बताया था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि रोज की तरह उस दिन भी कृष ट्रेनिंग पर जाने के लिए कहकर घर से निकला था। दोपहर काफी देर तक जब घर नहीं पहुंचा तो परिवार के सदस्यों को चिंता हुई। उन्होंने उसको फोन करना शुरू किया। कृष के बड़े भाई ने उसको जल्दी घर आने के लिए कहा मगर देर शाम उनको इस दुखद घटना की जानकारी मिली। कृष का परिवार इस घटना को लेकर सदमे में है। परिवार बस यही सोच रहा है कि उनका पढ़ा लिखा होनहार बच्चा ऐसा कदम कैसे उठा सकता है ?