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Jammu News: गांव रत्तियां में 6 करोड़ से लगा ट्यूबवेल लेकिन पानी नहीं मिला

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मीरां साहिब। उप जिला आरएस पुरा में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में ट्यूबवेल लगने के बाद भी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसा ही एक ट्यूबवेल मीरां साहिब ब्लॉक के गांव रत्तियां में छह करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगाया था। इससे टांडा, रत्तियां, ढिंडे कलां, निहालपुर सिंबल, मखनपुर व अन्य कई इलाकों में स्वच्छ जल की आपूर्ति होनी थी। इन गांवों में पानी की पाइपें बिछाने के बाद कनेक्शन भी दे दिए। दो माह पहले पाइपों की टेस्टिंग भी की गई लेकिन सुचारू रूप से लोगों को पीने का स्वच्छ पानी नहीं मिला। उसके बाद लोग लगातार पानी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन नलों से एक बूंद भी पानी नहीं टपका। इन गांवों में पीने के पानी का मुख्य स्रोत हैंडपंप ही हैं लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ जलस्तर नीचे चले जाने पर हैंडपंप सूख जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति न होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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पंचायत के पूर्व सरपंच अश्विनी कुमार ने ग्रामीणों की दिक्कतों का हवाला देते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद ग्रामीण को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। ऐसे में सरकार की बनाई योजनाओं का कैसे लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।
जेके पीपल सेकूलर फोरम के प्रधान कुंदन शर्मा ने कहा कि जल शक्ति विभाग की ओर से लगाए नए ट्यूबवेल से ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। विभाग के संबंधित अधिकारियों से पूछे जाने पर सिवाए झूठे आश्वासन के कुछ नहीं किया जा रहा। गर्मी के मौसम के पहले समाधान किया जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं किया जा रहा।
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पूर्व सरपंच हरबंस लाल ने कहा कि पानी की सप्लाई न होने से लोगों को मजबूरी में सबमर्सिबल पंप लगाने पड़ रहे हैं। ये महंगे तो हैं ही। साथ में इससे भूजल स्तर भी गिर रहा है। बिशन लाल ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से लगाए ट्यूबवेल का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भूजल स्तर में गिरावट एक गंभीर समस्या है, खासकर सबमर्सिबल पंपों के उपयोग के बाद। सबमर्सिबल पंपों से पानी निकालने की गति तेज होती है। इससे भूजल का स्तर तेजी से गिरता है। इससे न केवल पानी की कमी होती है, बल्कि भूमि धंसने और अन्य पर्यावरणीय समस्याएं भी हो सकती हैं। बढ़ती जनसंख्या के कारण पानी की मांग बढ़ रही है, जिससे भूजल का अधिक दोहन हो रहा है।
कोट
विभाग की तरफ से सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। सिर्फ ठेकेदार की तरफ से तकनीकी काम बाकी है। इसे जल्द ही पूरा किया जाएगा और ग्रामीणों को जल्द ही स्वच्छ पानी की सप्लाई की जाएगी।
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-आरके खजूरिया एईई, जल शक्ति विभाग
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