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बेटे की मौत कैसे हुई, इसका जवाब हमें चाहिए : गुरमीत कौर

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आरएस पुरा। एनसीबी की तरफ से हिरासत में लिए गांव न्यू दीवानगढ़ के बीएसएफ जवान जसविंद्र सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन के हवाले कर दिया गया। शव के शनिवार देर रात घर पहुंच जाने की उम्मीद जताई जा रही थी।
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मामले को लेकर परिजन काफी आक्रोश में हैं। उन्होंने साफ कहा है कि वह तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक इस मामले में इंसाफ नहीं मिल जाता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। मां गुरमीत कौर का कहना है, मेरा बेटा देश की सेवा कर रहा था। उसके साथ क्या हुआ। इसका जवाब हमें चाहिए।
गांव न्यू दीवानगढ़ के बीएसएफ जवान जसविंद्र सिंह पुत्र अवतार को 3 मार्च को एनसीबी ने बिलोल पुल मीरां साहिब के पास हिरासत में लिया था। परिवार के मुताबिक कई बार जसविंद्र सिंह से मिलने जम्मू स्थित एनसीबी कार्यालय गए, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। गत वीरवार को एनसीबी की तरफ से परिजनों को फोन कर बताया गया कि जसविंद्र की हालत खराब हो गई है। उसे अमृतसर अस्पताल में दाखिल किया गया है। एनसीबी ने परिवार को मिलने के लिए अमृतसर बुलाया था। अब शुक्रवार को परिवार को सूचना दी गई कि जसविंद्र की मौत हो गई है। परिजन पुलिस वालों के साथ बेटे का शव लेने के लिए अमृतसर पहुंचे। जहां उन्हें पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया।
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जसविंद्र की मौत के बारे में जानकारी मिलने पर परिवार में शोक का माहौल है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



परिजनों के मुताबिक पूरे घटनाक्रम को लेकर अब एनसीबी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूछताछ के लिए जवान को क्यों ले जाया गया। हिरासत में उसकी पिटाई क्यों की गई। परिवार को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई। इन सवालों का जवाब फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही मिल पाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि जसविंदर को हिरासत में लिए जाने के बाद परिजन कई बार उससे मिलने गए लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया। जसविंदर की मां गुरमीत कौर व पत्नी लवनीत कौर सहित अन्य परिजनों ने इंसाफ की गुहार लगाई।
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