संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जानवरों के बढ़ते आतंक ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से बंदर और जंगली गाय फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके चलते अब कई किसानों ने खेती करना ही बंद कर दिया है।
किसान मुलख राज ने कहा कि उनके पास पांच एकड़ भूमि है। गत वर्ष सिर्फ दो एकड़ पर ही फसल लगाई थी वह भी जानवरों ने नष्ट कर दी। अब फसल लगाना ही बंद कर दिया है।
सतपाल सिंह ने कहा कि उनकी छह एकड़ भूमि बंजर बन चुकी है, वह फसल लगाते ही नहीं हैं। मक्की की फसल को बंदरों ने ही नष्ट कर दिया था। धन खर्च करने के बाद उसकी भरपाई कर पाना मुश्किल हो गया है। इस कारण फसल लगाना ही बंद कर दिया है।
किसान स्वर्ण सिंह ने कहा कि कंडी क्षेत्र में उड़द, मक्की और अन्य फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती थीं। पिछले तीन चार वर्षों से जानवर खेतों में घुसकर फसलें नष्ट कर रहे हैं।
स्थानीय किसानों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
पहले बंदरों की देख भाल वन्य जीव विभाग के पास थी, वह बंदरों को पकड़ कर दूर दराज के जंगलों में छोड़ देते थे। अब बंदरों की संख्या बढ़ने के साथ ही गत अप्रैल 2023 में सरकार की और से बंदरों को वन्यजीव विभाग की सूची से हटा दिया गया है।
- विनय कुमार, जिला वन्यजीव अधिकारी सांबा