भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन के निकट स्थित बाबा दलीप सिंह मनहास की दरगाह पर 25 जून को मनाया जाएगा मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बाबा चमलियाल मेले की तैयारियां जोरों पर है। यह मेला भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन के निकट स्थित बाबा दलीप सिंह मनहास की दरगाह पर 25 जून को मनाया जाएगा। भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सांप्रदायिक सौहार्द तथा मानवता का संदेश देती आ रही है।
स्थानीय बुजुर्ग मुंछी राम के अनुसार बाबा दलीप सिंह मन्हास दग गांव में निवास करते थे और चमड़ी संबंधी रोगों का उपचार करते थे। उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैल गई थी और बड़ी संख्या में लोग उनके पास इलाज के लिए पहुंचते थे। किंवदंती के अनुसार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से कुछ लोग ईर्ष्या करने लगे और एक दिन घोड़े पर यात्रा के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि उनका धड़ भारतीय क्षेत्र के चमलियाल में गिरा जबकि सिर पाकिस्तान के सैदांवनी गांव में जा गिरा। इसी कारण दोनों स्थानों पर उनकी स्मृति में दरगाहें स्थापित हैं जहां आज भी श्रद्धालु श्रद्धा के साथ माथा टेकते हैं।
स्थानीय बिल्लु चौधरी के अनुसार बाबा चमलियाल को हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग समान श्रद्धा से मानते हैं। मेले के अवसर पर पाकिस्तान के सैदांवली गांव में भी एक सप्ताह तक धार्मिक आयोजन चलते हैं जबकि भारतीय क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं का आगमन कई दिन पहले ही शुरू हो जाता है। मान्यता है कि यहां मिलने वाले शक्कर और शरबत के सेवन से चमड़ी संबंधी रोगों में लाभ मिलता है जिसके चलते हजारों श्रद्धालु दरगाह पहुंचते हैं।
मेले को लेकर मंदिर प्रबंधन समिति और संबंधित कमेटियों के सदस्य दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, यातायात और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन भी मेले की तैयारियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उपायुक्त सांबा आयूषी सूदन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सांबा अनुज कुमार ने हाल ही में दरगाह परिसर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।