सांबा। शहरी स्थानीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले जाएंगे। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जारी किया गया है। कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए चलेगी।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रवि रंधावा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन व संबंधित अधिकारियों के समक्ष मुद्दे उठाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
ज्ञापन में यूनियन ने मांग की है कि सात वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अस्थायी सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए। नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। इसके साथ ही नगर परिषदों और नगर समितियों में सफाई कर्मचारियों के नए पद सृजित किए जाएं। इसके अलावा ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, सफाई कर्मचारियों को इंदिरा विकास योजना का लाभ देने और आवास सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।
यूनियन ने कहा कि वर्ष 2025 में भी कर्मचारियों ने आंदोलन किया था। इसे सरकार के आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया था। फिर 25 फरवरी से 4 मार्च 2026 तक हड़ताल की गई लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। संगठन के अनुसार 26 मई से जम्मू-कश्मीर के सभी शहरी स्थानीय निकायों में सफाई सेवाएं पूरी तरह ठप की जाएंगी।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान नगर निकायों की सफाई व्यवस्था, नगरपालिका संचालन और सफाई वाहनों की सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।