आरएस पुरा। उप जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर उजागर हुई है। अस्पताल में हड्डी रोग (ऑर्थोपेडिक) और नाक-कान-गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। खासकर हड्डियों की चोट और ईएनटी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। इससे उनकी स्थिति कई बार गंभीर हो जाती है।
लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
स्थानीय निवासी भगवान सिंह ने कहा कि सरकार को ग्रामीण और उप जिला स्तर के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिएं। उन्होंने कहा कि उप जिला अस्पताल केवल नाम का रह गया है और यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद ही स्वीकृत नहीं हैं।
वहीं, जम्मू कश्मीर पीपल सेकुलर फोरम के प्रधान कुंदन शर्मा ने अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लिफ्ट की सुविधा न होने के कारण गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में भारी दिक्कत होती है। कई बार उन्हें परिजनों के सहारे सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
कोट
ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विशेषज्ञों के पद स्वीकृत न होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। अस्पताल भवन में लिफ्ट स्थापित है लेकिन ठेकेदार द्वारा इसे अभी तक चालू नहीं किया गया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया है ताकि जल्द लिफ्ट को चालू कराया जा सके।
-डॉ. बलविंद्र सिंह, ब्लॉक मेडिकल अधिकारी