सांबा। जिला मुख्यालय में संस्कृति मंत्रालय की ज्ञान भारतम पहल के अंतर्गत सोमवार को एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन जिला विकास आयुक्त आयुषी सूदन के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने पांडुलिपि धरोहर की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण पर जोर दिया।
कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त आयुक्त राजस्व, उपमंडल मजिस्ट्रेट, सहायक आयुक्त पंचायती राज, खंड विकास अधिकारी, नगर परिषद सांबा के सीईओ, नगर समितियों बाड़ी ब्राह्मणा और रामगढ़ के कार्यकारी अधिकारी तथा नामित सर्वेयरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जहांगीर इकबाल ने ज्ञान भारतम पहल के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य देश की समृद्ध पांडुलिपि धरोहर की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने पांडुलिपियों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
गांवों और शहरों में इनकों सर्वे की जिम्मेदारी
कार्यशाला के दौरान सर्वेयरों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव, पंचायत लेखा सहायक और ग्राम रोजगार सेवक सर्वे करेंगे, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय अधिकारी यह कार्य करेंगे। उन्हें सर्वे के लिए उपयोग होने वाले मोबाइल एप्लिकेशन, डेटा संग्रह, अपलोडिंग प्रक्रिया और क्षेत्रीय कार्य में सटीकता बनाए रखने के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया।
उपायुक्त ने सर्वे को व्यापक, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाए और पांडुलिपियों को पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में जन-जागरूकता बढ़ाई जाए।