कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने पर लकड़ी की भट्ठी पर कम करते हलवाई,
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सांबा। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के बीच जिले भर में कमर्शियल रसोई गैस सिलिंडर को लेकर कारोबारियों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है। शहर के रेस्टोरेंट मालिक राहुल, विकास गुप्ता और अमन कुमार ने कहा कि उनके पास सिलिंडर में दो दिन की गैस बची है। कमर्शियल गैस सिलिंडर न मिलने से उन्हें अपने कारोबार बंद करने पड़ेंगे या फिर अन्य विकल्प तलाशने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि गत तीन दिनों से उन्हें कमर्शियल सिलिंडर नही मिल रहे हैं। जब वह गैस एजेंसी मालिकों के पास जाते हैं तो उनका कहना है कि पीछे से ही कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। कारोबारियों ने कहा कि ऐसे में उन्हें अपने कारोबार बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं, स्थानीय घरेलू उपभोक्ता कुलदीप कुमार, रजनी देवी, बबली देवी, महेश कुमार ने कहा कि वह गत दो दिन से रसोई गैस के लिए बुकिंग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रिस्पांस ही नहीं मिल रहा है। इसको लेकर उन्हें परेशानी बनी हुई है। गृहिणियों का कहना है कि रसोई गैस की कमी से घर का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कस्बे में मानसर गैस एजेंसी के संचालक जसवंत का कहना है कि उनके पास घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई में किसी प्रकार की कमी नहीं है। उनका कहना है कि कुछ घरेलू उपभोक्ताओं को तकनीकी कारणों से ओटीपी मिलने में समस्या हो सकती है, लेकिन गैस की उपलब्धता सामान्य है। सरकार की ओर से कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति को बंद कर दिया गया है। उक्त सिलिंडर हमारे पास नही हैं।
साहब शर्मा, मुलख राज, बलवीर के अनुसार छोटे हलवाई अब लकड़ी की भट्ठी का इस्तेमाल करने लगे हैं। उनके अनुसार छह रुपये किलो के हिसाब से लकडी के गुटके मिलते हैं। ऐसे में वह गैस से सस्ते हैं, गैस के नही मिलने से वह लकड़ी से ही कारोबार चलाएंगे।