प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) जिला समिति सांबा ने जिला मुख्यालय पर श्रम संहिताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त सांबा के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए विशेष रूप से औद्योगिक संबंध संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 में संशोधन की मांग उठाई। साथ ही राज्य स्तरीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन प्रेषित किया गया।
बीएमएस के वरिष्ठ नेता हरबंस चौधरी ने केंद्र सरकार से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के श्रमिकों पर श्रम कानूनों का समान रूप से लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना के अनुरूप श्रमिकों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 में आवश्यक संशोधन किए जाए। उन्होंने ईएसआई और ईपीएफ के दायरे की सीमा बढ़ाने तथा त्रिपक्षीय तंत्र को मजबूत करने की मांग की।
राज्य महासचिव नीलम शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा कार्यकर्ताओं को बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 के बाद राज्य अंश में कोई संशोधन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेशों के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई फैक्ट्रियों में श्रमिकों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है लेकिन उन्हें कानून के अनुसार ओवरटाइम और वेतन पर्ची नहीं दी जा रही। जम्मू-कश्मीर में चल रहे विभिन्न आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उन्होंने सभी दैनिक वेतनभोगियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिक नेताओं ने यह मुद्दा उठाया कि भूमि राजस्व अधिनियम और ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम के तहत लंबित मामलों में वर्षों से कोई कार्रवाई नहीं हुई है जबकि इस संबंध में कई ज्ञापन उच्च अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं। रैली को कई अन्य श्रमिक नेताओं ने संबोधित किया और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।