सिलाई-कढ़ाई से लेकर ब्यूटी पार्लर, मशरूम उत्पादन, डेयरी, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य लघु उद्योगों से संबंधित सिखाए जा रहे कौशल
सांबा। जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उम्मीद योजना अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उम्मीद की राजपुरा क्लस्टर प्रभारी आशा देवी लक्ष्मी ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, मशरूम उत्पादन, डेयरी, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य लघु उद्योगों से संबंधित कौशल सिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें बैंक ऋण, स्वयं सहायता समूह के गठन और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उम्मीद योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल कौशल विकास का अवसर मिल रहा है बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। जागरूकता शिविरों के जरिए महिलाओं को बताया जा रहा है कि वे किस प्रकार सरकारी सहायता और ऋण सुविधाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। महिला अनीता पोली ने इस पहल की सराहना की है।