सांबा। कस्बा जल्द ही सीवरेज सिस्टम से जुड़ेगा। इसके लिए 82.76 करोड़ के फंड की मंजूरी मिल चुकी है। बसंतर नदी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जगह भी अलॉट हो गई है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से गंदा पानी बसंतर दरिया में भी नहीं जाएगा।
कस्बे में सीवरेज की सुविधा देने की मांग स्थानीय लोग काफी समय से कर रहे हैं। कस्बे में प्रत्येक दिन साफ सफाई नहीं होने से गलियां-नालियां गंदगी से भरी रहती हैं। ऐसे में लोगों को कई प्रकार की समस्या बनी हुई है।
नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश अंबा, पूर्व पार्षद राज सिंह, पूर्व पार्षद अनुराधा देवी, पूर्व पार्षद रजनी सम्बयाल आदि ने कहा कि उन्होंने कई बार हाउस में सीवरेज सिस्टम के बारे में अपनी आवाज उठाई थी। अगर सीवरेज सिस्टम के साथ कस्बे को जोड़ा जाए तो लोगों को गंदगी से निजात मिलेगी।
उनका कहना है कि कस्बे में हर रोज सफाई नहीं होने से कस्बे के बाजारों, गली मोहल्लों में गंदगी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि कस्बे के 17 वार्डों के लिए 110 सफाई कर्मचारियों की जरूरत होती है, जबकि नगर परिषद के पास कुल 32 कर्मचारी हैं, जिससे हर रोज साफ सफाई नहीं हो पा रही है। सीवरेज सिस्टम के होने से लोगों को राहत मिलेगी। कस्बे की गलियों नालियों में साफ सफाई रहेगी। उनका कहना है कि कस्बे की सारी गंदगी बसंतर दरिया में फेंकी जा रही है। जिस से प्रदूषण की भी समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बसंतर दरिया भी प्रदूषित हो रहा है। इस पर एनजीटी ने नगर परिषद को 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। उन्होंने कहा कि यदि सीवरेज सिस्टम बन जाए तो कस्बे के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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वर्ष 2019 में सीवरेज के लिए 76 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजा था। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए नगर परिषद को 10 कनाल भूमि भी अलाॅट की गई है।
-पवन कोहली, पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद सांबा।
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कस्बे में सीवरेज सिस्टम के लिए 82.76 करोड़ के फंड की मंजूरी मिल गई है। जिससे सांबा कस्बे में सीवरेज सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें बसंतर नदी के किनारे जगह अलॉट हुई है। ताकि गंदगी दरिया में ना जाए।
-जोधराज, सीईओ, नगर परिषद सांबा