सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपों को बताया गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा ने राजस्व विभाग के पटवारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता पटवारी यासीन मलिक निवासी बाड़ी ब्राह्मणा ने अदालत में दलील दी कि वह सरकारी कर्मचारी हैं। फरार होने की कोई आशंका नहीं है तथा उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि संबंधित भूमि को लेकर पहले से दीवानी विवाद लंबित है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सह-आरोपी ने पहले भूमि का विक्रय करने के बाद कथित मिलीभगत से पटवारी के माध्यम से तथ्य छिपाकर फर्द जारी करवाई। इसके आधार पर उसी भूमि की गिफ्ट डीड निष्पादित की गई।
अदालत ने आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर धोखाधड़ी और लोक सेवक की ओर से कर्तव्य के दुरुपयोग का प्रतीत होता है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की कार्रवाई से राजस्व संस्थाओं में आम जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
इन परिस्थितियों में अग्रिम जमानत का लाभ देना उचित नहीं माना गया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश में की गई टिप्पणियां नियमित जमानत याचिका के गुण-दोष पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं डालेगी। इसके बाद न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।