सांबा। अदालत में लंबे समय से लंबित मोटर वाहन दुर्घटना दावा (एमएसीटी) मामले का आपसी सहमति से निपटारा कर दिया गया। इस दौरान पीड़ित पक्ष को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया।
कोर्ट आदेश के अनुसार यह मामला बिरेंद्र लाल बनाम बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से संबंधित था। इसे समझौते के लिए मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा अदालत के विचार में लाया गया। अदालत द्वारा पारित आदेश में दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के बाद विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई।
अदालत की पीठ ने समझौते को मंजूरी देते हुए बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह पीड़ित को कुल पांच लाख रुपये का भुगतान करे। साथ ही कंपनी को यह राशि 60 दिनों के भीतर अदा करनी होगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में भुगतान न होने की स्थिति में बीमा कंपनी को 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि चुकानी होगी।