सांबा। जिले के विजयपुर क्षेत्र में बुजुर्ग दंपति के साथ कथित मारपीट, उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। मुंसिफ (जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) कोर्ट सांबा ने थाना विजयपुर को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मामला प्रीत कॉलोनी विजयपुर निवासी रणजीत सिंह की तरफ से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया कि उनके छोटे बेटे की पत्नी अंजू बाला और उसके परिजनों द्वारा लगातार उन्हें और उनकी पत्नी को परेशान किया जा रहा है। दोनों बुजुर्ग हृदय रोग से पीड़ित बताए गए हैं।
शिकायत के अनुसार एक अगस्त 2025 को आरोपी ने पानी की मोटर चलाकर घर के आंगन में पानी भर दिया और विरोध करने पर गाली-गलोज व झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। इसके अलावा 30 व 31 अगस्त को सीसीटीवी कैमरे तोड़ने और 14 अक्तूबर को घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने कई बार थाना विजयपुर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सांबा से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अदालत में प्रस्तुत पुलिस रिपोर्ट में घटनाओं की पुष्टि तो की गई लेकिन उन्हें गैर-संज्ञेय अपराध बताया गया। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया मामले में आपराधिक अतिक्रमण, मारपीट, संपत्ति को नुकसान और आपराधिक धमकी जैसे संज्ञेय अपराध बनते हैं, जिनमें एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस की यह जिम्मेदारी है कि संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करे। इसके तहत थाना विजयपुर को निर्देश दिए गए हैं कि मामले में एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार जांच शुरू की जाए।