सांबा। अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट सांबा की अदालत ने विजयपुर थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में आरोपी महिला को जमानत दी है। यह आदेश मजिस्ट्रेट राशि वर्मा की अदालत द्वारा सुनाया गया।
मामला विजयपुर क्षेत्र में बीते माह दर्ज की गई एक एफआईआर से संबंधित है। आरोपी महिला ने अदालत में दायर जमानत याचिका में आरोप लगाया कि उसके ससुराल पक्ष ने उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, मारपीट की और घर से बेघर कर दिया।
याचिका के अनुसार, महिला को उसके पति और ससुराल वालों ने कई बार घर में प्रवेश करने से रोका, यहां तक कि उसे भोजन और बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति का दूसरी महिला के साथ संबंध है और दूसरी शादी की तैयारी की जा रही थी। इस संबंध में उसने एसएसपी सांबा, महिला प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत की।
महिला का कहना है कि उसे साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है और पुलिस कार्रवाई भी पक्षपातपूर्ण रही। वहीं, अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि महिला ने घर का मुख्य गेट बंद कर शिकायतकर्ता को प्रवेश से रोका और धमकाया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी महिला जांच में सहयोग कर रही है, उसके फरार होने या गवाहों को प्रभावित करने की संभावना नहीं है और वह आर्थिक रूप से कमजोर है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि जमानत की शर्तें अत्यधिक कठोर नहीं होनी चाहिए।
अदालत ने महिला को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और 5 हजार रुपये की नकद जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही उसे हर सुनवाई पर उपस्थित रहने, जांच में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित न करने और बिना अनुमति क्षेत्र से बाहर न जाने की शर्तें लगाई गई हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर जमानत रद्द की जा सकती है।