दंगल कमेटी और विभिन्न हिंदू संगठनों ने बैठक में लिया निर्णय
प्रशासन से विवाद के चलते तीन दिन पहले निरस्त कर दिया गया था दंगल
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बाड़ी ब्राह्मणा। बाबा परागनाथ देवस्थान बस्सी पर वार्षिक दंगल 12 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। वीरवार को दंगल कमेटी और विभिन्न हिंदू संगठनों और युवा राजपूत सभा की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी घोषित किया गया कि युवा राजपूत सभा और स्थानीय समाज दंगल के पक्ष में तैनात रहेंगे और आयोजन किसी भी हाल में करवाया जाएगा।
दंगल कमेटी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की शर्तों के कारण तीन दिन पहले निर्धारित दंगल आयोजित नहीं किया गया था। दंगल का स्थान ऊबड़-खाबड़ हो गया है। दंगल कमेटी की तरफ से प्रशासन को उक्त जगह को समतल करने के लिए कहा गया था ताकि पहलवान सुरक्षित कुश्ती कर सकें परंतु प्रशासन ने उबड़-खाबड़ जगह पर मिट्टी डालने के लिए कहा। कमेटी का कहना है कि विवादित स्थान को समतल करना संघर्ष का एकमात्र समाधान है पर प्रशासन ने अभी तक इस पर अनुमति नहीं दी है।
पूर्व सरपंच जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 12 जुलाई को दंगल होगा। उन्होंने प्रशासन के अड़ियल रवैये को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। युवा राजपूत सभा के प्रधान मनदीप सिंह चिब ने कहा कि देवस्थान पर दंगल वर्षों से होता आ रहा है और किसी की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उनकी संस्था आयोजन के समर्थन में सतर्क रहेगी।
दंगल कमेटी के प्रधान बनारसी दास ने कहा कि मामूली मसले को प्रशासन ने जानबूझकर बड़ा किया है, जिससे लोगों की भावना को ठेस पहुंची है। उन्होंने सुझाव दिया कि विवाद का समाधान प्रशासन की निगरानी में जगह को समतल करना ही है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से हो सके। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
वर्जन
उक्त जगह पर कब्रिस्तान है। विवादित जगह पर कोर्ट का स्टे आर्डर है। वहां पर खुदाई नहीं कर सकते हैं। प्रशासन खुदाई के बजाय उक्त स्थान पर मिट्टी डालकर दंगल करवाने के हक में है, जो पहले से होता आ रहा है परंतु दंगल कमेटी मैदान को पहले समतल करने के लिए कह रही है। इससे ला एंड आर्डर बिगड़ सकता है। - अंकुश त्रिपाठी, तहसीलदार बिश्नाह