संवाद न्यूज़ एजेंसी
अरनिया। सीमावर्ती गांव तरेबा में शुक्रवार को सुरक्षा बांध के निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया है। पूर्व सरपंच बलबीर कौर की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने खोदाई कर रही मशीनरी को बंद करवाकर मौके से मशीनरी वापस भेज दी। पुलिस के साथ हुई वार्ता के बाद निर्माण कार्य को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा बांध के लिए आ रही जमीन उनकी रोजी रोटी का मुख्य स्रोत है। इसके चलते सरकार पीड़ितों को मुआवजा दे अन्यथा जमीन के बदले जमीन मुहैया करे। ग्रामीणों ने कहा कि बिना उनकी शर्तें माने निर्माण कार्य को शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
बलबीर कौर ने बताया कि विस्थापन से पहले ही उनके पास जमीनों के मालिकाना अधिकार थे, लेकिन सरकार ने उन्हें विस्थापन के बाद कस्टोडियन जमीन अलॉट कर दी। जिसका अब तक मालिकाना हक नहीं दिया गया है। बलबीर कौर ने बताया कि सीमा पर बार-बार तारबंदी और अन्य कारणों से ग्रामीणों ने पहले भी काफी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि सीमा पर सुरक्षा और सेवा के लिए वे हमेशा खड़े रहे हैं। गोलाबारी के दौरान घायल लोगों को उठाकर अस्पताल पहुंचाने से लेकर फिर सीमा पर लौटकर ड्यूटी निभाने तक ग्रामीण सेनानी के रूप में सच्ची देशभक्ति से काम करते हैं। इसलिए मुआवजे के बिना आगे का निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा।
पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों की मांगों को समझने का आश्वासन दिया है और अगले महीने दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बातचीत कर समाधान निकालने का आग्रह किया है। तब तक निर्माण कार्य पर रोक बरकरार रहेगी।