अरनिया। सीमावर्ती आदर्श गांव आल्हा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने शनिवार रात सुहागपुर पावर स्टेशन का घेराव कर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में शेड्यूल कट के अलावा 9 से 10 घंटे बिजली की कटौती की जा रही है। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
उन्होंने कहा कि बिजली की अघोषित कटौती से बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। दिन भर लोग रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त रहते हैं, परंतु रात भर लोगों को बिजली की कटौती के कारण जागना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। भीषण गर्मी में बिजली कटौती लोगों के लिए आफत बन गई है। ग्रामीणों के कहने के बावजूद भी बिजली के अघोषित कटौती में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं, लेकिन लगातार बिजली के दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। बिजली अधिकारी पूछने पर बदतमीजी से पेश आ रहे हैं। इसके चलते तंग आकर ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव किया है। उन्होंने कहा कि पावर हाउस का घेराव महज चेतावनी है। आने वाले दिनों में बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीण धरना प्रदर्शन करने पर उतारू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर बिजली कटौती में सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र के सारे पावर स्टेशन बंद कर दिए जाएंगे। इस मौके पर आदर्श गांव आल्हा के पूर्व उप सरपंच दिनेश्वर मोहन उर्फ लवली ने बिजली विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि बिजली विभाग तानाशाही रवैया अपना रहा है। ग्रामीणों को बिजली की आपूर्ति करने में विफल साबित हो रहा है। लिहाजा उप राज्यपाल को इस मुद्दे पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।